नई दिल्ली. हरियाणा में अब दसवीं से कम पढ़े लिखे-लोग पंचायत का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. महिलाओं को भी पंचायत चुनाव लड़ने के लिए कम से कम आठवीं पास होना होगा, जबकि अनुसूचित जाति के लोग अगर पांचवीं पास नहीं हैं, तो फिर पंचायत चुनाव लड़ने की बात भूल जाएं.
 
हरियाणा सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने भी हरी झंडी दिखा दी है. इससे पहले राजस्थान में भी पंचायत चुनाव लड़ने के लिए औपचारिक शिक्षा को योग्यता बनाया जा चुका है. अब ये बड़ी बहस का मुद्दा है कि अगर लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई पंचायतों में चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय है, तो फिर सांसदों और विधायकों के लिए न्यूनतम योग्यता क्यों नहीं तय होनी चाहिए.
 
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