नई दिल्ली: गूगल नाउ का बेहतर रूप गूगल असिस्टेंट अब और भी बेहतर हो गया है क्योंकि ये अब हिंदी में भी काम करना सीख गया है. इसका मतलब है कि गूगल असिस्टेंट अब सही मायने में अमेज़न के एलेक्सा, ऐप्पल के सिरी और माइक्रोसॉफ्ट के कोर्टाना को टक्कर दे पायेगा.
 
 
बता दें कि इसे आईओ कांफ्रेंस में गूगल ने मई 2016 में  पेश किया था. ये एक वर्चुअल असिस्टेंट है. जो आपके व्यवहार को धीरे-धीरे सीखते हुए बेहतर होता जाता है और रोज के कामों में आपकी असिस्टेंट की तरह मदद करता है. गूगल असिस्टेंट गूगल पिक्सल स्मार्टफोन, गूगल होम और गूगल अलो ऐप में उपलब्ध है.
 
 
लेकिन गूगल अलो ऐप लगभग सभी एंड्रॉयड और आईफोन डिवाइस में काम करता है इसलिए कह सकते हैं कि गूगल असिस्टेंट सभी स्मार्टफोन को सपोर्ट करता है. गूगल ने अपनी अलो ऐप को सितम्बर के महीने में लॉन्च किया था और दिसम्बर में अलो में गूगल असिस्टेंट के लिए हिंदी सपोर्ट जारी किया गया.
 
अंग्रेजी के अलावा जिस दूसरी भाषा में गूगल अलो काम कर सकता है वे हिंदी ही है. गूगल ने ऐसा इसलिए किआ है क्योंकि उसका मानना है कि भारत में ही इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है.
 
 
नए फ़ीचर की जानकारी देते हुए गूगल ने यह भी दावा किया कि ऐप टेक्स्ट के अलावा हिंदी में तस्वीरों को भी पहचानेगा. अलो के हिन्दी फीचर को एंड्रॉयड व आईओएस दोनों डिवाइस में जारी किया गया है. इसे एक्टिवेट करने के लिए आपको सिर्फ कहना होगा कि ‘टॉक टू मी इन हिंदी’. 
 
ऐसा मिलेगा अनुभव
 
इस नये फीचर का सबसे बड़ा फायदा ये है कि हिंदी में बात करते करते ही आप इससे इंग्लिश में बात कर सकते हैं. आप लिखना ना चाहें तो आपको वॉइस टाइपिंग का भी सपोर्ट मिल जाएगा. मतलब कि आप सिर्फ बोल कर भी गूगल असिस्टेंट से बात कर सकेंगे. इस असिस्टेंट से जब आप पूछते हैं कि तुम क्या कर सकते हो? तो ये घूमना, मनोरंजन, खेलकूद जैसे कई सारे विकल्प दिखायेगा. 
 
इससे मौसम का हाल पूछेंगे तो हफ्ते भर के मौसम का हाल आपको दे देगा या आपका दिल कोई गीत सुनने का हो तो वो काम भी ये कर देगा. इतना ही नहीं गूगल असिस्टेंट से अगर आप कहें कि मैं बोर हो रहा हूं तो वे आपको चुटकुले सुनाने लगेगा.