रांची: बिरसा मुंडा जेल में बंद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को एक आम कैदी की तरह रहना पड़ रहा है जिससे नाराज होकर उन्होनें इस बात की शिकायत सीबीआई के स्पेशल जज से की है. चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में दोषी पाए पाए गए लालू यादव को 3.5 साल की सजा सुनाई गई है जिसके बाद उनको रांची जेल में सजा काटने के लिए रखा गया है. अक्सर राजनीतिक कैदियों को जेल में कुछ सुविधाएं दी जाती है. लेकिन रांची जेल में बंद लालू यादव जेल में सुविधाएं ना मिलने से नाराज हो गए हैं. बुधवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट मे दुमका खजाना मामले की सुनवाई के लिए पेश हुए लालू ने जज शिवपाल सिंह से आम कैदियों सा व्यवहार किए जाने की शिकायत की थी.

कोर्टरुम मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब जज शिवपाल ने लालू यादव से जेल में होने वाली दिक्कतों और परेशानियों के बारे में पूछा तो लालू ने अपने चिर परचित अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि जेल प्रशासन उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को उनसे मिलने नहीं देता. इस पर जज शिवपाल ने जवाब देते हुए कहा कि जेल में मिलने के लिए आने वालों को जेल के नियमों का पालन करने के बाद ही मिलने दिया जाएगा. और इसी वजह से हमने आपके लिए ओपल जेल की सिफारिश की थी.

लालू ने जब जज से आम कैदी की तरह व्यवहार किए जाने की शिकायत की तो जज शिवपाल ने जवाब देते हुए कहा कि जेल में सभी लोगों के लिए नियम एक जैसे होते हैं. दुमका मामले की सुनवाई के लिए आए लालू यादव ने जज से ढाई साल सजा सुनाने की अपील भी की जिसके जवाब में जज ने सख्ती के साथ लालू यादव को हिदायत दी कि आप इस तरह की बातें यहां ना करें और इस तरह सजा कम करने के लिए अपील ना करें.

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