लखनऊः उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पिछले दिनों विधानसभा और सीएम कार्यालय के बाहर आलू फेंकने के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है. पुलिस ने आलू फेंकने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है लेकिन नया एंगल यह है कि गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों में से कोई भी किसान नहीं है बल्कि दोनों ही समाजवादी पार्टी के नेता थे. इस मामले को तूल पकड़ता देख यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश याद ने योगी सरकार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि सरकार गरीब किसानों को गिरफ्तार कर रही है.

लखनऊ पुलिस ने आलू फेंकने के मामले में कन्नौज के दो सपा नेताओं को गिरफ्तार किया है. कहा जा रहा है कि आलू फेंकने की योजना अखिलेश यादव के दो करीबी नेताओं ने मिलकर बनाई थी. वहीं योगी सरकार ने इसे बदनाम करने की साजिश बताया था. लेकिन पुलिस के दोनों को गिरफ्तार करने के बाद एक एंगल ही सामने आया है. जिसके हिसाब से आलू फेंकने वाले किसान नहीं बल्कि सपा के ही नेता थे.

बता दें कि बीते छह जनवरी को लखनऊ में विधानसभा, सीएम कार्यालय समेत कई वीवीआईपी इमारतों के बाहर सड़क पर आलू फेंका गया था. आलू कन्नौज के कोल्ड स्टोरेज से आठ गाड़ियों में भर कर लाया गया था. यूपी पुलिस के अनुसार सपा नेता कक्कू चौहान और नेत्री ने ये पूरी योजना बनाई थी. पांच जनवरी को सभी सपा के यूथ विंग के लखनऊ ऑफिस के पास जमा हुए थे और छह जनवरी को सुबह इस घटना को अंजाम दिया गया था.

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