नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को दो हफ्तों में डांस बार को लाइसेंस देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि डांस बार एक सम्मानित पेशा है. अगर बार में कुछ गलत होता है तो राज्य सरकार इसकी जिम्मेदारी ले. कोर्ट ने ये फैसला रिटायर्ड एसपी की याचिका पर सुनाया. डांस बार खुलवाने को लेकर महाराष्ट्र सरकार के पास करीब 60 आवेदन आए हैं.
 
कई महिलाओं के लिए रोजी रोटी का साधन यह डांस बार राज्य में बहस का मुद्दा बना हुआ था. महाराष्ट्र सरकार के साथ सभी राजनीतिक पार्टियां डांस बार पर बैन लगाने के पक्ष में थी. सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार को बैन करने वाले 15 अक्टूबर को महाराष्ट्र असेंबली द्वारा पास किए गए कानून पर रोक लगा दी थी.
 
महाराष्ट्र में ऐसे करीब 1500 ठिकाने हैं जहां 75 हजार से ज्यादा महिलाएं बॉलीवुड गानों पर डांस कर गुजर बसर करती हैं. डांसर यूनियन ने इस बैन का यह कहते हुए विरोध किया था कि नाचने पर बैन लगाने की वजह से कई महिलाएं वेश्यावृत्ति को अपनाने के लिए मजबूर हो जाएंगी.