नई दिल्ली. टेक्सॉस के 14 साल के अहमद मोहम्मद की बनाई गई जिस घड़ी को उसके टीचर द्वारा बम समझ लेने के कारण उसे गिरफ्तार किया गया था. उसके परिवार ने 1.5 करोड़ डॉलर के मुआवजा की  मांग की है साथ ही इरविंग शहर के मेयर और पुलिस प्रमुख से लिखित तौर पर माफी मागने को भी कहा है. इस बात की जानकारी अहमद के वकील ने दी.
 
लोकल न्यूज पेपर्स में अहमद के परिवार के एक अटॉर्नी के पत्र छपें हैं, इसमें टेक्सास के इरविंग शहर से नुकसान होने के तौर पर एक करोड़ डॉलर और वहां के स्थानीय स्कूल से 50 लाख डालॅर देने की मांग की है. और कहा है कि अगर 60 दिन में जवाब नहीं मिला तो कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा. 
 
अहमद के परिवार ने पत्र में तर्क दिया है कि उसके सम्मान को ठेस पहुंची है. इसमें कहा गया है कि घटना की वजह से अहमद पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा और वह सदमे से गुजरा. साथ ही परिवार को भी शारीरिक और मानसिक वेदना से गुजरना पड़ा था. जिसके बाद अहमद अपने के साथ परिवार कतर चला गया था. कयोंकि वहां एक फांउडेशन ने उसकी की पढ़ाई का खर्च उठाने की पेशकश की थी.
 
दरअसल नौवीं क्लास में पढ़ने वाले अहमद ने पेंसिल के केस से एक डिजिटल घड़ी बनाई थी जिसे अपने टीचर को दिखाने के लिए स्कूल ले गया था. जहां उसके टीचर ने इस घड़ी को बम समझ लिया और कुछ ही देर बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर फैलने के बाद उसे छोड़ दिया गया.
 
पत्र के मुताबिक अहमद को अपने परिवार वालों से संपर्क नहीं करने दिया गया और एक लिखित बयान में जबरदस्ती दस्तखत कराए गए थे. जिसमें यह लिखा था कि उसका इरादा ‘एक होक्स बम’ को स्कूल लाने का था. प्राचार्य ने उसे धमकी दी थी. कि बयान पर हस्ताक्षर न करने पर उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा.