नई दिल्ली. दुष्कर्म के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक मरे हुए व्यक्ति को सात साल कैद की सजा सुनाई. हालांकि जब आरोपी के मौत की पुष्टि हुई तो कोर्ट ने फैसले को रद्द कर दिया.  एक अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार, आरोपी ने एक नाबालिग के साथ साल 2006 में दुष्कर्म किया था. तब, सत्र न्यायालय ने उसे सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था.
 
इसके बाद जब पीड़िता सुप्रीम कोर्ट पहुंची तो कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपी को नोटिस भेजा. 10 अप्रैल को सजा के ऐलान के बाद जब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने उसके गांव पहुंची तो पता चला कि दोषी की मौत साल 2012 में ही हो चुकी है.
 
पुलिस के अनुसार दोषी की हत्या उसी के भाई ने कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद इसी साल 10 अप्रैल को मामले में सजा सुनाई थी.