पुणे. पुणे के एक परिवार ने दिवाली की खुशियां बांटने के लिए अपने घर काम करने वाली नौकरानियों के परिवार को रात के खाने पर बुलाया और डिनर के बाद अपनी कार से उनके घर छोड़ने गए. दो नौकरानियों में एक मुसलमान परिवार है और यह कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.
 
पुणे के रहने वाले आध्यात्मिक शिक्षक नित्या शांति की मां ने अपने घर काम करने वाली मदीना और मीना के पूरे परिवार को रात के खाने पर बुलाया. नित्या की मां ने उनके लिए खास तौर पर खाना पकाया. नित्या शांति ने घर पर काम करने वाली महिलाओं के परिवार के साथ डिनर की तस्वीरें और कहानी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर छापी है. 
 
सोशल मीडिया पर ये दिवाली मिलन हुई वायरल
 
नित्या शांति की मां के इस मानवीय कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है और सोशल मीडिया पर खबर के वायरल होने के बाद हफिंगटन पोस्ट जैसी जानी-मानी वेबसाइट्स ने भी इस पर ख़बर की है.
 
नित्या ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि उनके परिवार में ऐसा पहली बार हुआ कि घर में काम करने वालों का परिवार उनके सोफे पर बैठा था और उनके साथ डिनर टेबल पर खाना खा रहा था. नित्या ने लिखा है कि बचपन में उनकी अपने मां के साथ कई बार इस बात पर कहासुनी हो जाती थी कि वो और घर में काम करने वाले एक ही बर्तन में क्यों नहीं खाते लेकिन इस बार उनकी मां ने वो कर दिखाया है जो वो हमेशा से चाहते थे.
 
डिनर के दौरान मदीना के जीवन संघर्ष से वाकिफ हुआ परिवार
 
नित्या ने लिखा है कि डिनर के दौरान उन लोगों के परिवार के बारे में बहुत जानने को मिला. उनकी जिंदगी के संघर्ष को समझने का मौका मिला. मदीना के जीवन संघर्ष को शेयर करते हुए नित्या ने लिखा है कि मदीना ने कुछ दिन पहले कर्ज लेकर एक छोटा सा घर खरीदा था लेकिन आज भी उस घर की कीमत और बचा हुआ कर्ज बराबर ही है. इस वजह से अब मदीना इस घर को बेचने की सोच रही है ताकि परिवार की दूसरी जरूरतें पूरी हो सके. 
 
मदीना का बड़ा लड़का कॉलेज नहीं गया और काम करने लगा ताकि घर का कर्ज चुकाया जा सके. मदीना का पति भी मजदूरी करता है. छोटा बेटा 9नीं में पढ़ता है जिसकी जान पिछले साल टाइफाइड से जाते-जाते बची. 
 
पूरे दिन 6 घर में काम करके 25 हजार कमाती है मीना
 
मदीना के परिवार के अलावा नित्या के घर डिनर पर घर में काम करने वाली दूसरी महिला मीना का भी परिवार था. मीना के पति की करीब 9 महीने पहले एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी. मीना सुबह-सुबह अपने घर में बच्चों के लिए खाना पकाती है और उसके बाद 6 और घर में काम करती है जिससे उसे हर महीने करीब 25 हजार रुपए की कमाई होती है. मीना सारे घर से काम करके जब रात में घर लौटती है तो फिर अपने बच्चों के लिए खाना पकाती है और पूरे दिन खाना के काम से जुड़े रहने के कारण उसकी भूख मर चुकी होती है.
 
डिनर के बाद नित्या की मां को मिला परम संतोष
 
डिनर कराने के बाद जब नित्या और उसके पिता मदीना और मीना के परिवार को उनके घर छोड़ने गए तो उन्हें पता चला कि वो लोग कितनी दूर से काम करने आते हैं. मदीना का घर नित्या के घर से कार से 45 मिनट दूर निकला जबकि मदीना हर रोज बस-ऑटो से उनके घर काम करने आती है और वो भी बिना देरी के. 
 
नित्या की मां और पापा को मदीना हर ईद और घर के शादी-ब्याह में न्योता देती रही है और ये लोग उसके घर भी जाते रहे हैं. नित्या की मां ने कहा कि ये लोग गरीब हैं लेकिन प्यार, दिल और भावना के बहुत अमीर हैं. नित्या की मां को इन लोगों को घर बुलाकर साथ में डिनर कराने के बाद बहुत संतोष मिला है.
 
मदीना के कर्ज चुकाने और बेटे के कम्प्यूटर के लिए क्राउडफंडिंग को जबर्दस्त समर्थन
 
नित्या ने लिखा है कि परिवार ये इस परंपरा की शुरुआत है जो आगे और बढ़ेगी. नित्या ने मदीना के बेटे से उसकी कम्प्यूटर की जरूरतों के बारे में पूछा है ताकि वो कम्प्यूटर अरैंज करके उसके बेटे को दे सकें. नित्या ने मदीना के घर के बचे हुए 2.50 लाख के कर्ज को चुकाने और बेटे के कम्प्यूटर के लिए क्राउडफंडिग की भी शुरुआत की है. आज ही शुरु हुए इस क्राउडफंडिंग का लक्ष्य 3 लाख रुपए जुटाने का है और खबर लिखे जाने तक 47 हजार से ज्यादा रुपए जमा हो चुके हैं.
 

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Posted by Nithya Shanti on Monday, November 9, 2015