नई दिल्ली. प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के नेतृत्व में हुई बागियों की बैठक में शामिल होने वालों को ‘आप’ आज  कारण बताओ नोटिस जारी कर सकती है. पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बुधवार को होने वाली बैठक में इस बात का फैसला किया जाएगा. पार्टी प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि इस बैठक का पार्टी ने संज्ञान लिया है. जल्दी ही पार्टी की पीएसी की बैठक होगी. इसमें इस पर विचार होगा.

साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से गहरा दुख हुआ है कि हजारों स्वयंसेवकों ने दिन-रात की मेहनत से जिस तरह सांप्रदायिक ताकतों को दिल्ली में नेस्तनाबूद किया, उस पर एक शब्द का प्रस्ताव भी पारित नहीं हुआ. इससे पहले आप के असंतुष्ट नेताओं योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने मंगलवार को नये राजनीतिक दल के गठन की घोषणा तो नहीं की लेकिन उन्होंने अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी के अंदर संवाद की गुंजाइश की कमी की निंदा करते हुए कहा कि वे नया ‘आंदोलन’ शुरू कर रहे हैं. यादव ने कहा कि वे आप पार्टी ‘नहीं’ छोड़ेंगे और जोर दिया कि यह पार्टी ‘किसी एक’ व्यक्ति की नहीं है.

आप के असंतुष्टों द्वारा आयोजित संवाद में भूषण विशेष रूप से आक्रामक दिखे और उन्होंने इस संवाद में शामिल होने वालों को निष्कासित करने की ‘धमकी’ देने वाले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि ‘पार्टी में बातचीत की कोई जगह नहीं है.’ गुडगांव में आयोजित ‘स्वराज संवाद’ में भूषण ने कहा, ‘जिन्होंने सवाल उठाए उन्हें पार्टी के शीर्ष पदों से हटा दिया गया. आज, मैंने सुना कि यह संवाद आयोजित करने के लिए हमें निष्कासित किया जा सकता है. शीर्ष (नेतृत्व) से संदेश यह है कि अगर आप पार्टी के खिलाफ आवाज उठाएंगे तो आपको बाहर कर दिया जाएगा.’

आप में पैदा संकट के बारे में भूषण ने कहा कि पार्टी पर ‘कब्जा’ करने वालों के खिलाफ अदालत या चुनाव आयोग में जाना ‘लंबा और अप्रिय’ होगा. यादव ने कहा कि इस संवाद में उपस्थिति इस बात का संकेत है कि आप में मौजूद समस्याएं केवल एक या दो लोगों तक सीमित नहीं हैं.