नई दिल्ली. वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रिटायर्ड सैनिकों ने अपना विरोध तेज करते हुए देशभर में 9-10 नवंबर को अपने मेडल लौटाने की घोषणा की है. रिटायर्ड सैनिक आंदोलन के महासचिव ग्रुप कैप्टन वी.के.गांधी ने कहा, ‘हमने देशभर में अपने मेडल को लौटाने का फैसला एकमत से लिया है.’ राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर व देशभर में 145 दिनों के प्रदर्शन के दौरान रिटायर्ड सैनिकों ने अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने और उसे और तेज करने का फैसला किया था.
 
गांधी ने कहा, ‘सरकार हमें जो ओआरओपी देने रही है, उसमें काफी गलतियां हैं और वह इसकी परिभाषा के अनुरूप नहीं है. सभी सैनिक अwपने मेडल के साथ 9-10 नवंबर को देशभर में अपने जिलों में इकट्ठा होंगे. मेडलों को जिलाधिकारी के पास जमा कर दिया जाएगा और अगर वह इसे नहीं लेते हैं, तो इसे वहीं पर छोड़ दिया जाएगा. जिलाधिकारियों से मेडल की सुरक्षा का अनुरोध किया जाएगा. हम उनसे आग्रह करेंगे कि वे मेडल को या तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास या राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेज दें’
 
केंद्र सरकार द्वारा पांच सितंबर को ओआरओपी योजना की घोषणा के बाद भी रिटायर्ड सैनिकों ने अपना आंदोलन जारी रखा है. रिटायर्ड सैनिकों का कहना है कि सरकार ने जो घोषणा की है, वह ओआरओपी नहीं, बल्कि ‘वन रैंक, फाइव पेंशन’ है.