श्रीनगर. जम्मू एवं कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलगाववादी नेता मुहम्मद यासीन मलिक और मसरत आलम को हिरासत में ले लिया गया. जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक और मसरत आलम को पुलवामा के अवंतिपुरा में मंगलवार को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वे ट्राल शहर की तरफ जा रहे थे.

पुलिस के अनुसार दोनों अलगाववादी नेताओं को कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया. मलिक और आलम ट्राल शहर के नजदीक शरीफाबाद गांव जा रहे थे, जहां बामला वन्य इलाके में सोमवार को आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में मोहम्मद खालिद नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी.

सुरक्षा बलों ने बताया कि हिजबुल मुजाहिदीन के वांछित आतंकवादी बुरहान का भाई मोहम्मद खालिद वाणी अपने भाई के लिए भोजन लेकर जंगल में उनके छिपने वाले स्थान पर गया था. सुरक्षा बल खालिद का पीछा कर रहे थे. जब वह अपने भाई और अन्य आतंकवादियों के छिपे हुए स्थान पर पहुंचा, तो आतंकवादियों ने उनका पीछा कर रहे सुरक्षा बलों को देखा.

आतंकवादियों ने भागने के क्रम में गोलीबारी शुरू की. सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की. इसी दौरान खालिद मारा गया, जबकि तीन अन्य लोग जो उसके साथ थे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, आतंकवादी भागने में सफल रहे.