नई दिल्ली. केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने सोमवार को पूछा कि आज असहिष्णुता के खिलाफ आवाज उठा रहे लेखक 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान क्या कर रहे थे? नायडू ने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी दल बीते लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को मिले जनादेश के प्रति ‘असहिष्णु’ हैं और किसी वजह से नहीं.
 
 
उन्होंने कहा कि चेतना के रखवाले आपातकाल के दौरान चुप थे, उस वक्त जब न्यायाधीशों को दबाया जा रहा था, जब मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा था, जब एक इनसान को फायदा पहुंचाने के लिए संविधान बदला गया था, जब हजारों लोगों की जबरन नसबंदी कर दी गई थी और जब सांसदों को जेल में डाल दिया गया था. तब ये लोग कहां थे जो आज असहिष्णुता की बाते कर रहे हैं.
 
 
नायडू ने कहा कि कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों के संहार और उन्हें वहां से निकाले जाने के दौरान इनकी चुप्पी साफ दिखी थी. अब ये असहिष्णुता की शिकायत कर रहे हैं.