मुंबई. नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए शिवसेना ने आज कहा कि प्रधानमंत्री अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से पता चलता है कि नरेंद्र मोदी देश के लिए कितना परेशान हैं. शिवसेना ने सामना के एक संपादकीय में कहा कि मोदी आम आदमी की समस्याओं को दूर करने के लिए अकेले ही काफी कष्ट उठा रहे हैं, भला अब इससे ज्यादा वे और क्या कर सकते हैं.
 
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा, ‘एक व्यक्ति आम लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए कितना कष्ट उठा रहे हैं. वह भ्रष्टाचार, मुद्रास्फीति, आतंकवाद, राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और अपनी ही पार्टी के अक्सर बयान देने वाले लोगों से संघर्ष कर रहे हैं.’ संपादकीय में कहा गया है कि इन सबके मध्य वह विदेशों के दौरे पर भी होते हैं और लंबित कार्यों को पूरा करते हैं. उसके बाद वापस लौटकर आम आदमी की समस्याओं का समाधान करते हैं. उन्होंने (मोदी) बिहार चुनाव का भार भी अपने उपर ले लिया है. मोदी ने अशोक चक्र युक्त स्वर्ण मुद्राएं भी जारी करने की घोषणा की है.
 
पार्टी ने तंज कसा कि सरकार गरीब लोगों के लिए और क्या क्या कर सकती है? केंद्र सरकार के समूह बी, सी और डी के अराजपत्रित पदों पर नियुक्तियों के लिए साक्षात्कार समाप्त किए जाने की मोदी की हालिया घोषणा पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने सवाल किया कि ऐसी कितनी नौकरियां उपलब्ध हैं.
 
संपादकीय में कहा गया है, ‘‘ प्रधानमंत्री ने हाल ही में कहा कि साक्षात्कार की जरुरत नहीं होगी लेकिन इस प्रकार की कितनी नौकरियां उपलब्ध हैं और ये नौकरियां किन्हें मिलती हैं?” इसमें कहा गया है, ‘‘ हाल के दिनों में, उत्तर प्रदेश सरकार ने चपरासी के 360 पदों के लिए विज्ञापन दिया और इसके लिए 23 लाख लोगों ने आवेदन किया. यहां तक कि मुंबई नगर निगम में, करीब 100 पदों के लिए लाखों लोग आवेदन करते हैं.”