चंडीगढ़. सिखों के पवित्र ग्रंथ को जलाने की घटना के बाद पंजाब में भड़की हिंसा को देखते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एससीपीसी) ने तय किया है कि इस बार अमृतसर स्थित गोल्डन टेम्पल में दिवाली नहीं मनाई जाएगी.
 
एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह ने कहा कि पंजाब में पवित्र पुस्तक को जलाने के मुद्दों को देखते हुए समिति ने तय किया है कि इस बार टेम्पल में दिवाली नहीं मनाई जाएगी. दिवाली सिखों के उत्सव बंदी छोड़ दिवस से मेल खाता है.
 
तीसरी बार गोल्डन टेम्पल में नहीं मनाई जाएगी दिवाली
साल 1984 और 1992 के बाद इस बार गोल्डन टेम्पल में तीसरी बार दिवाली नहीं मनाई जाएगी. 1984 में सिख दंगों के बाद हुए ‘ऑपरेश ब्लू स्टार’ और 1992 में जर्नल एएस वैद्ध के हत्यारों हरजिंदर सिंह जींद और सुखदेव सिंह सुखा की फांसी के कारण दिवाली नहीं मनाई गई थी. इस बार पवित्र ग्रंथ को जलाने की घटना के बाद पंजाब में भड़की हिंसा को देखते हुए गोल्डन टेम्पल में दिवाली नहीं मनाई जाएगी.
 
बता दें कि पिछले दिनों पंजाब के कोटकपूरा के गांव बरगाड़ी में धर्मग्रंथ को खंडित करने की अफवाह की वजह से माहौल तनावपूर्ण  रहा. यहां धर्मग्रंथ के पन्ने बरगाड़ी गांव की गलियों में बिखेर दिए गए जिसके बाद पंजाब में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए.