श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में तनाव के बीच अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया गया, जबकि यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया है. शिया समुदाय के मुहर्रम जुलूस को रोकने के लिए श्रीनगर के कुछ हिस्सों में बैन लगाया गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग और बिजबेहड़ा कस्बों में कर्फ्यू लगाया गया है. यह जानकारी प्रशासन ने दी. यहां बुधवार की झड़प के बाद तनाव बढ़ने की वजह से अबी गुजर और लाल चौक ईलाकों में जुलूस पर पाबंदी लगाई गई है.
 
बिजबेहड़ा कस्बे में सुरक्षाबलों और पथराव कर रही भीड़ के बीच झड़प में नसीर अहमद डार (25) नाम का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था. सुरक्षाबलों द्वारा छोड़ा गए आंसूगैस का गोला अहमद डार के सिर पर लगा था. यासीन मलिक को उसी वक्त हिरासत में ले लिया गया था, जब वह अहमद डार का हालचाल पूछने जा रहे थे.
 
डार का इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज को अस्पताल की केयर यूनिट में भर्ती कर दिया गया है. उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. वह अभी खतरे में है.
 
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुहर्रम जुलूस पर पाबंदी लगाई है. गिलानी के कई समर्थकों को भी अपने नेता के समर्थन में जुलूस निकालने की कोशिश में हिरासत में लिया गया. साल 1990 के बाद से प्रशासन मुहर्रम के महीने की 8 तारीख के जुलूस को श्रीनगर में निकालने की अनुमति देने से मना करता रहा है.
 
हालांकि, श्रीनगर के बाहरी इलाकों और घाटी के कई इलाकों में मुहर्रम के जुलूस निकलते हैं. शिया समुदाय के इन जुलूसों में सुन्नी समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं.