मुंबई. महाराष्ट्र एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड(एटीएस) एक पुलिस कांस्टेबल को बीफ बैन के विरोध में छुरा मारने के लिए युवक को भड़काने के आरोप में एक मौलाना की तलाश कर रही है. मौलाना पर आरोप है कि उसने एक युवक को कांस्टेबल को चाकू मारने के लिए उकसाया था. मौलाना ने राज्य में बीफ बैन के विरोध में युवक को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया था. 
 
क्या है मामला
घटना पिछले महीने की 25 तारीख को बकरीद की है जब मस्जिद के नजदीक ड्यूटी कर रहे एक कांस्टेबल पर जानलेवा हमला किया गया था.  जानकारी के अनुसार यवतमाल जिले के पुसाद गांव का रहने वाले 20 वर्षीय अब्दुल मलिक ने नमाज पढ़ने के बाद एक कांस्टेबल को कई बार चाकू मारा. कांस्टेबल ड्यूटी पर था और मस्जिद के बाहर तैनात था, हालांकि वह बच गया था. कांस्टेबल को चाकू मारते समय मलिक ने चिल्लाते हुए कहाकि, तुम्हारी गवर्नमेंट बीफ बैन करती है तो यह लो. मलिक पर आरोप है कि उसने दो और कांस्टेबल पर भी हमला किया लेकिन उसे पकड़ लिया गया और चाकू जब्त कर लिया गया.
 
मौलान ने किया था ब्रेनवॉश
मलिक पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. उसकी गिरफ्तारी के दो दिन बाद आतंकवाद रोधी एजेंसी ने मामले को अपने हाथ में लिया और जांच शुरू की. एटीएस का मानना है कि इसमें एक मौलाना की भूमिका सामने आई है और जांच की जा रही है कि उसने अन्य लोगों का ब्रेनवॉश तो नहीं किया. एटीएस को संदेह है कि मलिक को लॉन वूल्फ अटैक की तर्ज पर प्रशिक्षित किया गया है.
 
जांच एजेंसी का कहना है कि मौलाना ने कहाकि भारत में मुस्लिम खतरे में है और इसलिए कुछ किया जाना चाहिए. उसने कहाकि सरकार की ओर से लगाया गया बीफ बैन उनकी आजादी के खिलाफ है. एटीएस अधिकारियों ने कहाकि, मलिक ने बताया कि मौलाना ने उसे पूछा कि यदि वह कुछ सप्ताह के लिए गायब हो जाए तो उसके माता-पिता रिपोर्ट तो दर्ज नहीं क राएंगे, क्योंकि उसे किसी ट्रेनिंग पर भेजा जा सकता है. एटीएस मलिक का बयान धारा 164 के तहत दर्ज करने पर विचार कर रही है.