रायपुर. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार सुबह नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के सात जवान शहीद हो गए. इस हमले में 12 जवान घायल हुए हैं. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी नक्सल ऑपरेशन) आर.के. विज के अनुसार, एसटीएफ जवान तलाशी अभियान पर थे. इसी दौरान घने जंगल में 100 सशस्त्र नक्सलियों ने उन्हें घेर लिया. करीब दो घंटे चली मुठभेड़ में एसटीएफ के सात बहादुर जवान शहीद हो गए. घटनास्थल तक न कोई सड़क संपर्क है और न ही संचार के साधन. घटनास्थल राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर है. मुठभेड़ में घायल 12 जवानों को दो हेलीकाप्टरों के जरिये नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के मुख्यालय जगदलपुर लाया गया है.

बताया जाता है कि नक्सलियों से पुलिस की मुठभेड़ सुकमा जिले के पोंटा क्षेत्र में हुई. एसटीएफ के ऑपरेशन के दौरान पोलमपल्ली पोस्ट पर यह मुठभेड़ हुई. यह क्षेत्र चिंतागुफा थाना के अंतर्गत आता है. पोलमपल्ली के जंगलों में नक्सलियों ने बारूदी सुरंगें बिछाकर धमाका कर दिया. इसके बाद नक्सलियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई के बाद जवानों व शहीदों के शवों को निकालने के लिए अतिरिक्त बल घटनास्थल पर भेजा गया. इससे पहले इलाके में पिछले दो-तीन दिनों से एसटीएफ का अभियान चल रहा था.

शहीद हुए जवानों में प्लाटून कमांडर शंकर राव, प्रधान आरक्षक रोहित सोढ़ी, प्रधान आरक्षक मनोज बघेल, आरक्षक मोहन वीके, आरक्षक राजकुमार मरकाम, आरक्षक किरण देशमुख और आरक्षक राजमन टेकाम शामिल हैं. एक अन्य जवान का नाम पता नहीं चल सका है. घायलों में आरक्षक मडकाम केसा, आरक्षक संजय लकड़ा, आरक्षक रंजीत कुमार, अरविंद कुमार के साथ सहायक आरक्षक किसे देवा, बड्डी कन्ना, माडवी लुक्का, माडवी देवा, सरयम लावेना और सरयम मनोज शामिल हैं.

IANS