भुवनेश्वर. देश में बनी सतह से सतह पर मार करने वाली निर्भय क्रूज मिसाइल का टेस्ट शुक्रवार को विफल रहा. यह मिसाइल बीच रास्ते में ही बंगाल की खाड़ी में गिर गई. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बताया कि मिसाइल को बालासोर जिले में परीक्षण केंद्र (आईटीआर) से सुबह 11.38 बजे दागा गया था. मिसाइल टेस्ट की उल्टी गिनती में कई दिक्कते आई थीं. हालांकि, इसकी उड़ान की शुरुआत ठीक रही. लेकिन छोड़ेने के 11 मिनट बाद ही यह अपने लक्ष्य से भटक गई.
 
निर्भय मिसाइल 750 से 1000 किलोमीटर तक मार कर सकती है. निर्भय का टेस्ट दो बार नाकामयाब हो चुका है. इससे पहले 12 मार्च, 2013 में हुआ टेस्ट भी विफल रहा था और दूसरी बार 17 अक्टूबर, 2014 को हुआ टेस्ट भी पूरी तरह से अपेक्षाओं पर नहीं खरा उतरा था.
 
क्यों पड़ा निर्भय नाम?
निर्भय मिसाइल छह मीटर लंबी और करीब आधा मीटर चौड़ा है. इसका वजन 15 सौ किलो है. इसके विंग स्पैन 2.7 मीटर लंबे हैं. इसे एकसाथ कई टारगेट तक पहुंचने लायक बनाया जा रहा है. इसे सरफेस लॉरी, शिप, सबमरीन या फाइटर प्लेन से दागा जा सकता है. इसे निर्भय का नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि दुश्मन के राडार आसानी से इसका पता नहीं लगा सकते.