मुंबई. दो साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में मुंबई हाईकोर्ट ने आरोपी को दोहरी मौत और दो बार उम्रकैद की सजा पर मुहर लगा दी है. जस्टिस भूषण गावी और जस्टिस प्रसन्नी वराले की बेंच ने सजा की पुष्टि की है. 21 साल के युवक को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 376 के तहत सजा दी है जो कि अपने आप में पहली और अकेली है.
 
यवतमाल कोर्ट ने 376 ए के तहत मौत की सजा के अलावा मासाराम को आईपीसी की धारा 302 के तहत एक और मौत की सजा सुनाई थी. आरोपी को धारा 376(2) (एफ) (आई) (एम) (मर्डर) और बच्चों के साथ शारीरिक उत्पीड़न करने के अपराध में लागू धारा पॉक्सो के तहत 2 बार उम्रकैद की सजा भी सुनाई गई. 
 
11 फरवरी 2013 को यवतमाल के एक सेशन कोर्ट ने आरोपी शत्रुघ्न मासाराम को बच्ची के साथ रेप और फिर हत्या कर देने के आरोप में दोहरी फांसी और दो बार उम्रकैद की सजा सुनाई थी जिसे हाईकोर्ट की बेंच ने बरकरार रखा है. मासाराम ने कोर्ट से अपील की थी कि उसकी उम्र को देखते हुए सजा कम की जाए लेकिन अदालत ने ये अपील भी खारिज कर दी.