नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की खुद पर लगे आरोपों की SIT जांच कराने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी. भट्ट पर आरोप है कि उन्होंने गुजरात के तत्कालीन अतिरिक्त महाधिवक्ता तुषार मेहता का ईमेल अकाउंट हैक किया था और उसमें छेड़छाड़ की थी. 
 
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एचएल दत्तू और न्यायाधीश अरुण मिश्रा की खंड पीठ ने भट्ट की याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत से सुनवाई यथासंभव शीघ्रता से पूरी करने के लिए कहा है. न्यायालय ने भट्ट की वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने स्वयं पर लगे उन आरोपों की जांच एसआईटी से कराने की मांग की थी, जिनके अनुसार उन्होंने अपने सरकारी ड्राइवर को यह हलफनामा दायर करने के लिए मजबूर किया था कि वह उन्हें 27 फरवरी, 2002 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद मोदी के सरकारी आवास पर ले गया था. जहां मोदी ने कथित तौर पर अपने अधिकारियों से गोधरा कांड के परिणामस्वरूप लोगों में उपजे आक्रोश को जाहिर करने देने के लिए कहा था.