नई दिल्ली. दिल्ली सरकार और ट्रैफिक पुलिस के बीच ‘कार फ्री डे’ को लेकर पेंच फंस गया है. केजरीवाल सरकार दशहरे के दिन यानी 22 अक्टूबर के दि लाल किला और इंडिया गेट के बीच पड़ने वाले रास्ते पर ‘कार-फ्री डे’ मनाना चाहती है.
 
इस दिन सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक लाल किले से लेकर इंडिया गेट तक साइकल रैली निकालने की भी योजना है जिसके लिए दिल्ली सरकार ने पहले पूरे दिन के लिए कार फ्री करने का मन बनाया फिर तकनीकी दिक्कतों के लिए आधे दिन  के लिए कार-फ्री का फैसला लिया.
 
अब मामले में यातायात पुलिस ने एक चिट्ठी दिल्ली सरकार को भेज दी है. पत्र में 22 अक्टूबर के दिन पर आपत्ति जताई गई. इस मामले में दिल्ली पुलिस उपायुक्त बी एस बस्सी ने कहा कि कार्यक्रम मनाने के लिए 22 अक्टूबर का दिन चुनना ‘जल्दबाजी में लिया गया काफी अव्यवहारिक कदम’ लगता है.
 
बस्सी ने कहा कि छुट्टी वाले दिन लोग त्योहार मनाने के लिए काफी संख्या में अपने परिवारों के साथ घरों से बाहर निकलते हैं. ट्रैफिक डायवर्ट करने से लोगों को परेशानी होगी.
 
दूसरी तरफ दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि ‘कार फ्री डे’ के रास्ते में ‘राजनीतिक अहं’ नहीं आना चाहिए क्योंकि इसका उद्देश्य लोगों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना और दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए प्रदूषण का स्तर कम करना है.