नई दिल्ली. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को उन अटकलों को ख़ारिज किया जिनमें कहा गया था कि बीजेपी के नेता  सुब्रहमण्यम स्वामी को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति पद की पेशकश दी गई थी. स्मृति ने कहा कि यह काम सर्च कमेटी द्वारा किया जाता है. सबसे बड़ी बात है कि ‘ सुब्रहमण्यम स्वामी इस पद की आयु सीमा से भी बाहर हैं.’ 
स्मृति ईरानी ने कहा कि यह खबर ऐसे व्यक्ति ने फैलाई है जिसे कानून की जानकारी नहीं है. पहली बात तो यह कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत मुझे किसी व्यक्ति को कुलपति के पद पर नियुक्ति का अधिकार नहीं है.
 
पिछले दिनों भाजपा नेता सुब्रहमण्यम स्वामी ने ट्‌वीट करके कहा था कि वे जेएनयू के वीसी तभी बनेंगे, जब उन्हें यह अधिकार मिलेगा की वे कैंपस से राष्ट्रविरोधी स्टूडेंट्‌स को बाहर निकाल सकें. उन्होंने लिखा है कि यहां के हॉस्टल्स में रेड करके नक्सलियों को बाहर निकालने की जरूरत है.
 
इसके बाद वहां के छात्रों ने विरोध करना शुरू कर दिया है. गौरतलब है कि स्वामी को जेएनयू का कुलपति बनाए जाने की खबरों पर जेएनयू छात्र संघ और वहां कि वामपंथी संगठन इसका पुरजोर विरोध करने की धमकी दी थी और इसे विश्वविद्यालय के भगवाकरण की कोशिश करार दिया था.