नई दिल्ली. चुनावों से पहले घर-घर पानी पहुंचाने का नारा देने वाली आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के लोगों को इस मामले में कोई राहत नहीं दी है. स्थिति सुधरने के बजाए और बिगड़ गई है. पानी की दिक्कत सिर्फ दिल्ली के आम इलाकों में नहीं है बल्कि ये दिक्कत वीवीआईपी इलाकों में भी बढ़ गई है.

एक अंग्रेजी अख़बार के मुताबिक मामला दिल्ली के वीवीआईपी इलाके सिविल लाइन्स इलाके का है जहां दिल्ली के उपराज्यपाल और कई कैबिनेट मंत्री रहते है. यहां पानी को लेकर पांच दिन पहले मारामारी हुई और इलाके में ध्रमेश नाम के एक शख्स की मौत हो गई है. वीवीआईपी इलाके में रहने वाले 63 वर्षीय जगदीश कश्यप का कहना है कि वह रोज सुबह पांच बजे बाल्टी लेकर इलाके की शहनशाही कत्र गली में पहुंच जाते हैं. वहां उन्हें जाने में 15 मिनट लगते हैं. हालात ये है कि सुबह-सुबह लाईन में लगने के बाद भी उन्हें पानी नहीं मिलता. सिविल लाईन्स इलाके में सब्जी मंडी में रहने वाले लोगों का कहना है कि ये हालात पिछले 15 सालों से हैं. इलाके में अब इक्का-दुक्का ही ऐसी जगह है जहां लोग पानी भर सकते है लेकिन ध्रमेश की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने पानी की इन टंकियों को भी तोड़ दिय़ा है.

वहीं दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि दिल्ली में पानी की कोई कमी नहीं है. यहां के लोग अवैध रूप से घरों में पंप लगाकर पानी के फ्लो को कम कर रहे है जिससे इलाके के बाकी हिस्सों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आम आदमी पार्टी के विधायक पंकज पुष्कर ने तो इस तरह की किसी घटना से ही इंकार कर दिया है. उनका कहना है कि हमें इस घटना के बारे में कुछ पता नहीं है लेकिन हम लोगों की इस परेशानी पर गौर जरूर करेंगे.