रायपुर.छत्तीसगढ़ में एक मुस्लिम दोस्त ने अपने दोस्त का पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करके अपनी दोस्ती की मिसाल कायम की है. 12 दिन पहले संतोष की बीमारी से मौत हो गई जिसके बाद अब्दुल रज्जाक ने दोस्त को मुखाग्नि दी.
 
रज्जाक ऑटो चलाता है और संतोष मजदूरी करता था. संतोष की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी जिस कारण सामाजिक संगठन ‘जनआस्था’ ने संतोष के अंतिम संस्कार की सभी व्यवस्था करा दी. संतोष को बेटा ना होने के कारण रज्जाक ने संतोष को मुखाग्नि देकर दोस्ती का फर्ज निभाया. संस्था के संचालक संजय शुक्ला ने बताया कि रज्जाक ने संतोष का अंतिम संस्कार कर जाति-धर्म के बंधनों की परवाह किए बगैर दोस्ती की मिसाल कायम की है. वह सच्चा इंसान है.