नई दिल्ली. केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दो पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी पर दो डाक टिकट बंद करने की सरकार के निर्णय की वकालत की है. प्रसाद ने यहां मंत्रिमंडल की एक बैठक के बाद कहा, “कांग्रेस दुनिया को एक चश्मे से देखना चाहती है, लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते.” प्रसाद ने कहा कि इंदिरा गांधी पर चार डाक टिकट जारी हुए थे, राजीव गांधी पर दो और जवाहरलाल नेहरू पर सात डाक टिकट.
 
 
उन्होंने कहा कि दूसरे किसी भी परिवार के लिए इतने स्मारक डाक टिकट नहीं जारी किए गए. रविशंकर ने कहा कि भारत विविधता का एक प्रतीक है और सरकार ऐसे नेताओं की संख्या बढ़ाना चाहती है, जिन्हें इस तरह सम्मानित किया जाए. प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सरकार ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर जारी किसी भी डाक टिकट को बंद नहीं किया है. कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार के इस निर्णय की निंदा की, जिसके तहत इंदिरा गांधी और राजीव गांधी पर दो डाक टिकट बंद कर दिए गए हैं.
 
कांग्रेस कर रही है विरोध-
कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा, “यह इस सरकार के एक अत्यंत संकुचित दृष्टिकोण को दर्शाता है. यह इतिहास का अपमान है. जिस गांधी परिवार ने देश के लिए ढेर सारी कुर्बानियां दी है, उस परिवार के प्रति इस सरकार के दृष्टिकोण और आचरण की निंदा करते हैं.”