नई दिल्ली. राष्ट्रीय उपभोक्ता शिकायत निपटारा आयोग ने कहा है कि सिनेमा हॉल में दर्शकों को मुफ्त पानी पिलाना सिनेमा हॉल का काम है और किसी दर्शक को महंगे बोतबंद पानी खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता.
 
आयोग ने आदेश दिया है कि थियेटर मालिकों को पीने का पानी हॉल के अंदर उपलब्ध कराना होगा. थियेटर मालिक अगर पीने का पानी नहीं देते हैं और लोगों को पानी की बोतल कैफेटेरिया से खरीदने के लिए बाध्य करते हैं तो यह सेवा में कमी में माना जाएगा.
 
कमीशन ने कहा है कि पानी इंसान की बुनियादी जरुरत है. अगर दर्शकों को पानी अंदर ले जाने की मनाही है तो यह सिनेमा मालिकों की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने दर्शक को पीने का पानी मुहैया कराए. आयोग ने माना कि बिना पानी के कोई भी कभी बेहोश हो सकता है और बीमार पड़ सकता है.
 
आयोग ने कहा है कि अगर मल्टीप्लेक्स के कैफेटेरिया में पानी है तो भी इसका कोई फायदा नहीं है क्योंकि हर किसी के पास इतना पैसा नहीं है कि वह पानी खरीद सके. आयोग ने माना है कि सिनेमा टिकट में पानी पिलाना शामिल माना जाना चाहिए.