चंडीगढ़. हरियाणा राज्य विधानसभा ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित करने के साथ-साथ प्रत्याशियों के घर में काम आने वाला शौचालय होना भी अनिवार्य बना दिया गया है. मानसून सत्र के आखिरी दिन विधानसभा ने हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2015 को पारित कर दिया. जिसके मुताबिक अब वही प्रत्याशी पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे जिनके घर में शौचालय होगा. इस विधेयक को पारित करने से पहले लगभग एक घंटा इस पर बहस हुई.
 
सदन को यह भी बताया गया कि राजस्थान के बाद हरियाणा दूसरा ऐसा राज्य बन गया है जहां पर पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित की गई है. इस विधेयक के अनुसार सामान्य श्रेणी के प्रत्याशियों के लिए मैट्रिक, महिला प्रत्याशी (सामान्य) और अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों के लिए आठवीं को न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित किया गया है. अनुसूचित जाति की पंच के पद के लिए महिला प्रत्याशी की न्यूनतम योग्यता पांचवी उत्तीर्ण होना निर्धारित की गई है.