जम्मू. जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में इस हफ्ते की शुरुआत में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए सेना के एक जवान ने 11 दिनों में 10 आतंकवादियों को मार गिराया था. रक्षा प्रवक्ता कर्नल एस.डी. गोस्वामी ने बताया, ‘थलसेना के विशेष बल कमांडो लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी ने बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का मिसाल पेश कर इतिहास रच दिया. गोस्वामी ने कश्मीर घाटी में शहीद होने से पहले 11 दिनों में 10 आतंवादियों को मार गिराया.’
 
प्रवक्ता ने कहा, ‘गोस्वामी 2002 में थलसेना के कमांडो दस्ते में स्वेच्छा से शामिल हुए और वह यहां सबसे दिलेर जांबाज साबित हुए. उन्होंने दुनिया के श्रेष्ठ दस्तों में गिनी जाने वाली अपनी इकाई में बहादुरी के कई कारनामे किए. कश्मीर घाटी में पिछले 11 दिनों में गोस्वामी तीन आतंकवाद रोधी अभियानों में सक्रियता से शामिल हुए, जिसमें 10 आतंकवादियों को मार गिराया गया और एक को जिंदा पकड़ लिया गया.’
 
गोवस्वामी रहे इन अभियानों का हिस्सा
गोस्वामी ने पहला अभियान हंदवाड़ा के खुरमूर में 23 अगस्त को शुरू किया. इस अभियान में पाकिस्तान क्षेत्र के लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया. इसके बाद गोस्वामी कश्मीर के राफियाबाद में शुरू हुए अभियान में शामिल हुए. यह अभियान 26 और 27 अगस्त को चला. यहां मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को जवानों ने ढेर कर दिया.  उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुझफ्फराबाद निवासी लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी सज्जाद अहमद उर्फ अबु उबेद उल्ला को जिंदा पकड़ लिया गया.  
 
इसके बाद लांस नायक गोस्वामी कुपवाड़ा के हाफरुदा जंगल में चलाए जा रहे अभियान में शामिल हुए. हालांकि यह उनका अंतिम अभियान साबित हुआ, लेकिन यहां भी उन्होंने चार आतंकवादियों को ढेर कर दिया. वह एक सच्चे सैनिक थे जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अंतिम सांस ली. शहीद गोस्वामी का पार्थिव शरीर वायुसेना के विमान से बरेली ले जाया गया, जहां से सेना के हेलीकाप्टर से पंतनगर और वहां से उनके गांव ले जाया जाएगा, जहां पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी नैनीताल के इंदिरा नगर गांव के रहने वाले थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी और सात साल की बेटी है.
 
IANS