चंद्रचूड़ानगर. मणिपुर में विधानसभा की ओर से पास किए गए आईएलपी(इनरलाइन परमिट बिल) के विरोध में राज्य के चंद्रचूड़ानगर जिले में हिंसा जारी है. हिंसा को देखते हुए यहां अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है.
 
विरोध में सोमवार के दिन प्रदर्शनकारियों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री समेत पांच विधायकों के घर को आग के हवाले कर दिया गया. राज्य के गृहसचिव के मुताबिक, स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई है, वहीं पांच लोग घायल भी हैं.  
 
सरकार की ओर से पास किए गए बिल में 1951 से पहले राज्य में बसे लोगों को ही एक तरह से मूल निवासी माना है और कूकी जनजाति के लोग 1951 के बाद राज्य में बसे हैं, जिसके चलते वह इस बिल का विरोध कर रहे हैं. चंद्रचूड़ानगर जिले में बड़ी संख्या में कूकी जनजाति के लोग रहते हैं.