इंदौर. मध्य प्रदेश के खंडवा में मोहम्मद जहीर धर्म के नाम पर झगड़ने वालों के लिए एक सबक हैं. जहीर एक तरफ दरगाह संभालते हैं तो दूसरी तरफ शिव मंदिर की भी देखभाल करते हैं.
 
खंडवा का ये शिव मंदिर और दरगाह दोनों ही  भारतीय पुरातत्व संगठन (ASI) के नियंत्रण में हैं. एएसआई ने ही पंडित नहीं मिलने के कारण जहीर को करीब 6 साल पहले मंदिर का कामकाज भी दे दिया जिसे वो पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं.
 
अंग्रेजी वेबसाइट ‘द लॉजिकल इंडियन’ ने दैनिक भास्कर के हवाले से यह ख़बर छापी है. जहीर एक तरफ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ में मदद करते हैं तो दूसरी तरफ दरगाह पर इबादत भी करवाते हैं. वो मंदिर और दरगाह दोनों को नियमित रूप से साफ-सुथरा रखते हैं.
 
बुरहानपुर के पास के असीरगढ़ कस्बे के रहने वाले जहीर भले इस्लाम धर्म को मानते हों लेकिन शिव मंदिर की सेवा में कभी कोई कमी नहीं करते हैं. उनका कहना है कि सारे धर्मों के इष्ट एक ही हैं और हमारी सोच उन्हें अलग बनाती है. जहीर कहते हैं कि वो खुशनसीब हैं कि उन्हें दोनों की सेवा करने का मौका मिला है. उन्हें लगता है कि इससे भाईचारा बढ़ेगा और उनके पांच बच्चों को ऊपर वाले की मेहरबानी  बरसेगी.