नई दिल्ली. 3 दिसंबर 1971 की रात मेजर कुलदीप सिंह को अच्छे से याद है. उस रात मेजर कुलदीप सिंह चादपुरी ने पाकिस्तानी ब्रिगेडियर तारिक मीर के सपने को चकनाचूर कर दिया था.
 
उस दिन तारिक मीर ने कहा था कि  सुबह का नाश्ता लोंगेवाला में होगा, दोपहर का खाना रामगढ़ में खाएंगे. लेकिन मीर की ब्रिगेड ने जब थार रेगिस्तान के 15 किलोमीटर अंदर मौजूद लोंगेवाला पोस्ट पर हमला किया तो उस रात कुलदीप लोंगेवाला पोस्ट की निगरानी कर रहे थे. मेजर के साथ 23 पंजाब रेजिमेंट के 83 सैनिक थे.
 
कंपनी में कैप्टन धरमवीर ने चांदपुरी को खबर दी कि सीमा पार से टैंकों की पोस्ट उनकी सरहद की ओर बढ़ रही है. मेजर चांदपुरी ने अपने हेडक्वार्टर से और युनिट भेजने के लिए कहा. मेजर कुलदीप चांदपुरी अपनी छोटी सी युनिट के साथ हज़ारों पाकिस्तानी सैनिकों से भिड़ गए. रात भर मेजर कुलदीप पाकिस्तानी सैनिकों से लड़ते रहे. पाक ब्रिगेडियर तारिक मीर रामगढ़ तक भी नहीं पहुंच सके. मेजर कुलदीप चांदपुरी की अगुवाई में लोंगेवाला युद्ध जीता गया. आज उसी गौरवगाथा को इंडिया न्यूज़ पर दोहराने के लिए वे रणबांकुरे मौजूद रहें जिन्होंने विजयगाथा लिखी. 
 
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