लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बम की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए. जांच के लिए मौके पर पहुंची एजेंसियों को विधानसभा से कुछ नहीं मिला है. जानकारी के मुताबिक अज्ञात शख्स ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को यह सूचना दी थी. जांच में कुछ नहीं मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे फर्जी कॉल करार दिया है. विधानसभा के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. बता दें कि इससे पहले यूपी विधानसभा में 14 जुलाई को संदिग्ध पाउडर मिलने से हफरा-तफरी मच गई थी.
 
यूपी विधानसभा में संदिग्ध पाउडर मिलने के बाद खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आतंकी साजिश की आशंका जताई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए को मामले की जांच सौंपी गई थी. 
 
 
इस मामले की जांच कर रही एनआईए ने जब हैदराबाद में इस संदिग्ध पदार्थ की जांच कराई तो पता चला कि कोई विस्फोटक नहीं बल्कि सिलिकॉन ऑक्साइड है. हालांकि इससे पहले यूपी पुलिस ने ही मान लिया था कि विधानसभा में मिला संदिग्ध पाउडर टीईटीएन नहीं है. वही इस संबंध में संदिग्ध पदार्थ को विस्फोटक बताने वाले फॉरेंसिक साइंस लैब के निदेशक डॉ. श्याम बिहारी उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है.