लखनऊ: यूपी में योगी सरकार को 6 महीने हो गए हैं और 30 सितंबर को यूपी के डीजीपी सुलखान सिंह 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं. इन 6 महीनों में यूपी में क्या कुछ बदला ? और पुलिस के सामने चुनौतियां क्या हैं. इस पर डीजीपी सुलखान सिंह से इंडिया न्यूज़ संवाददाता अरविंद चतुर्वेदी ने खास बातचीत की.
 
इंडिया न्यूज से Exclucive बातचीत में यूपी पुलिस के डीजीपी ने रेप और हत्या के मामले में मोदीनगर के सारे पुलिस कर्मियों को एक साथ लाइन हाज़िर कर दिए जाने के मामले डीजीपी ने सख़्त नाराज़गी जताई है. उन्होंने कहा की बिना जांच के आप सभी को कैसे दोषी ठहरा सकते हैं. इस मामले के जांच के बाद करवाई होनी चाहिए थी.
 
यूपी पुलिस के एक बड़े अफसर पर धूस लेने के आरोप पक डीजीपी ने कहा की इस मामले से जुड़े सारे तथ्यों की हम जांच करा रहे हैं. इस मामले की जांच एक एडीजी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं. बता दें कि यहां के आईजी STF पर पंजाब के नाभा जेल ब्रेक के मास्टरमाइंड को 1 करोड़ रुपए लेकर छोड़ने का बेहद गंभीर आरोप लगा है. यूपी की योगी सरकार ने इस पर जांच बिठा दी है. 
 
बता दें कि पंजाब के नाभा की वो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें 27 नवंबर 2016 की सुबह 6 आतंकवादी जेल तोड़कर भाग रहे हैं. खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट और बब्बर खालसा के ये आतंकी इतनी जल्दी में थे कि गाड़ी की डिक्की और दरवाजा तक बंद करने की फुर्सत नहीं मिली. अब तक इनमें से कोई भी पकड़ में नहीं आ सका है.
 
 
इस बीच खबर आई कि पटियाला के नाभा जेल ब्रेक का मास्टरमाइंड यूपी के शाहजहांपुर में देखा गया. 6 फरार आतंकियों में से एक हरजिंदर सिंह भुल्लर उर्फ विक्की गोंडर ने फेसबुक पर पोस्ट कर बताया कि यूपी पुलिस ने 10 सितंबर को जेल ब्रेक के मास्टरमाइंड गोपी घनश्यामपुरा को शाहजहांपुर में गिरफ्तार कर लिया है. ये पोस्ट इस डर से किया गया कि पुलिस कहीं गोपी घनश्यामपुरा का एनकाउंटर ना कर दें.
 
इस बीच खबर आई कि यूपी STF के एक बड़े अफसर ने 1 करोड़ की डील की और घनश्यामपुरा को छोड़ दिया. पंजाब पुलिस ने शराब व्यापारी रिंपल और अपराधी अमनदीप की कॉल इंटरसेप्ट की जिसमें वो आईजी एसटीएफ के जरिए घनश्यामपुरा को छुड़ाने की बात कर रहा है. बताया गया कि 45 लाख में डील पक्की हो गई. पंजाब पुलिस ने ऑडियो क्लिप के साथ पूरी जानकारी यूपी पुलिस को सौंप दी.
 
इसके बाद यूपी सरकार हरकत में आई और सीएम योगी ने डीजीपी सुलखान सिंह और प्रधान सचिव गृह अरविंद कुमार को तलब किया. इस बीच यूपी STF ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि किसी को गिरफ्तार ही नहीं किया गया था ऐसे में रिहा करने का सवाल ही नहीं उठता पर सवाल तो STF पर उठता है. दरअसल, ADG लॉ एंड ऑर्डर घूसकांड की जांच कर रहे हैं और उससे पहले STF की प्रेस रिलीज सीएम योगी को शायद पसंद नहीं आई.