लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने बिल्डरों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए, निर्देश दिया है कि वो 50 हजार लोगों को अगले तीन महीने में फ्लैट्स दें. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बिल्डर्स को तीन महीने में ऐसे लोगों को फ्लैट का कब्जा देने का आदेश दिए जिन्होंने बिल्डर्स को पैसे दे दिए हैं.
 
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में फ्लैट्स की समस्याओं के समाधान को लेकर बैठक में यह निर्णय लिया गया.  इस बैठक में बिल्डर्स और बायर्स की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाने का निर्णय लिया है. मंत्री सुरेश खन्ना के मुताबिक जिन बिल्डर्स को तीन महीने में पजेशन देना है, अगर जो बिल्डर्स नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ आर्थिक दंड और कानूनी रूप से एक्शन लिया जाएगा.
 
 
इस बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. बैठक में बिल्डर्स ने अपनी समस्याओं को सरकार के सामने रखा. सरकार ने बिल्डरों से कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा में करीब एक लाख लोग फ्लैट की कीमत का  60 से 95 फीसदी पैसा दे चुके हैं, लेकिन उन्हें फ्लैट नहीं मिल रहा है. अब बिल्डरों को तीन महीने में 50 हज़ार फ्लैट तैयार करके देने होंगे. मीटिंग में सीएम योगी ने कहा कि अभी तक सरकार ने बिल्डरों के खिलाफ 13 मुकदमे लिखवाए हैं.
 
 
मीटिंग में निर्णय लेने के बाद अब तीनों अथॉरिटी को अपनी अपनी एजेंसी यानि एक कमेटी बनाएगी. इन एजेंसी को 2 महीने के अंदर रिपोर्ट देनी है. इन एजेंसी का काम ये होगा कि फ्लैट आवंटन में आने वाली दिक्कतों को दूर कराएगी.
 
बता दें इस मीटिंग में आम्रपाली, वेब, जेपी इंफ्रास्ट्रक्चर, सुपरटेक के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन राहुल भटनागर, सीईओ देबाशीष पांडा, नोएडा के सीईओ आलोक टंडन ने हिस्सा लिया.