भोपाल. मध्य प्रदेश के एक हॉस्पिटल से एचआईवी पॉजीटिव गर्भवती महिला को आधी रात वार्ड से बाहर निकाल दिया गया. परिवार वालो के गिड़गिड़ाने के बाद भी हॉस्पिटल वालों ने गर्भवती महिला इलाज नहीं किया. जिससे हॉस्पिटल परिसर में ही उसकी डिलीवरी हो गई और इलाज न होने के चलते दोनों बच्चियों की मौत हो गई.
 
ये हैरान करने वाला मामला टीकमगढ़ जिले का है. बुधवार को 24 साल की महिला को 70 किलो दूर एक हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था. ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स ने जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया. जांच के दौरान हैपेटाइटिस और एचआईवी के पॉजीटिव लक्षण मिले. रिपोर्ट को देखते ही नर्सों ने महिला के परिजनों को उसे बाहर लेकर जाने को कह दिया.
 
 
महिला के परिवार वालों ने बताया कि महिला को प्रसूति विभाग से रात 11 बजे निकाल दिया गया. महिला रोती रही गिड़गिड़ाती रही लेकिन उसका इलाज नहीं किया गया. महिला की सास ने बताया कि हॉस्पिटल वालों ने कहा कि महिला को एचआईवी है इसीलिए झांसी ले जाओ. लेकिन हमारे पास पैसे नहीं थे कि हम एम्बुलेंस करके महिला को ले जाते. मैं अस्पताल वालों से मेरी बच्चियों को बचाने की भीख मांगती रही लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी.
 
 
 
बता दें टीकमगढ़ जिले से झांसी 100 किलो दूर है. परिवार वालो के गिड़गिड़ाने के बाद भी हॉस्पिटल वालों ने गर्भवती महिला इलाज नहीं किया. जिससे डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल परिसर में ही उसकी डिलीवरी हो गई. डिलीवरी के बाद कोई भी डॉक्टर और नर्स ने बच्चियों को हाथ तक नहीं लगाया.

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