अहमदाबाद. गुजरात के चर्चित उद्योगपति गौतम अडाणी अहमदाबाद में 11 अगस्त को अपनी तीन कंपनियों की सालाना आम सभा यानी एजीएम कर रहे हैं और ये सारे एजीएम तीन घंटे के अंदर निपटा लिए जाएंगे. तीन घंटे में तीन एजीएम को लेकर इंडस्ट्री में चर्चा शुरू हो गई है.

गौतम अडाणी का नाम लेकर विपक्षी दल जब-तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कॉरपोरेट फ्रेंडली होने के आरोप लगाते हैं. मोदी से नजदीकी की वजह से उनकी हर गतिविधि पर मीडिया और राजनेताओं की नज़र होती है.

अंग्रेज़ी अखबार बिज़नेस स्टैंडर्ड ने गौतम अडाणी की तीन कंपनियों अडाणी पोर्ट्स एण्ड सेज़, अडाणी पावर और अडाणी इंटरप्राइज की 11 अगस्त को अहमदाबाद में होने वाले एजीएम के लिए निर्धारित तीन घंटे के समय और आयोजन स्थल पर सवाल उठाया है.

4 लाख शेयर धारकों के लिए 400 लोगों वाला ऑडिटोरियम

11 अगस्त को अहमदाबाद के जेबी ऑडिटोरियम में सुबह 9.30 बजे अडाणी पोर्ट्स एण्ड सेज़ की एजीम है. इसी सभागार में 10.30 बजे से अडाणी पावर और 11.30 बजे से अडाणी इंटरप्राइज की एजीएम है. यानी तीन कंपनियों के एजीएम के लिए एक-एक घंटे का समय कंपनी ने रखा है.

अख़बार का सवाल है कि एजीएम जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के लिए इतना कम समय निर्धारित करना कॉरपोरेट सेक्टर में चिंता का विषय है. हालांकि अख़बार ने अब ई-वोटिंग के चलन का हवाला देते हुए माना है कि एजीएम शुरू होने से पहले ही ई-वोट करने की सुविधा की वजह से कम समय का आवंटन कोई बड़ी मुश्किल नहीं है. एजीएम में सारे शेयर धारकों का नहीं पहुंचना भी एक वजह है.

अख़बार के मुताबिक आयोजन स्थल की क्षमता 400 लोगों की है इसलिए यह सवाल भी जायज है कि तीनों कंपनियों के 4 लाख शेयर धारकों को एजीएम में बैठने का मौका ही नहीं मिलेगा. कंपनी कानून के मुताबिक एजीएम के जरिए ही कंपनी के छोटे-बड़े शेयरधारक अपनी बात रखते हैं और कंपनी के आगे की दशा-दिशा तय करते हैं.

8 महीने में तीन गुना स्टॉक बढ़ गया अडाणी का

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक गौतम अडाणी की कंपनी के शेयर का भाव नरेंद्र मोदी के गुजरात का सीएम बनने के बाद 85 गुना बढ़ चुका है जबकि इसी दौरान बीएसई सेंसेक्स महज 8 गुना बढ़ा है. नरेंद्र मोदी को जब सितंबर, 2013 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था तब से 8 महीने बाद मई 2014 में ही गौतम अडाणी का स्टॉक 1.9 बिलियन डॉलर से बढ़कर 6 बिलियन डॉलर हो गया था.