नई दिल्ली. पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी को ब्रिटिश वीजा दिलाने के मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में आधिकारिक बयान दिया है. उन्होंने राज्यसभा में कहा, ‘मेरे खिलाफ आरोप निराधार हैं. ललित मोदी के वीजा के लिए कभी ब्रिटिश सरकार से सिफारिश नहीं की. कांग्रेस बेवजह इसकी आड़ में संसद की कार्यवाही बाधित कर रही है.’

सोमवार के दिन संसद की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्षी मोदी सरकार के खिलाफ आक्रमक हो गए. लोकसभा में कांग्रेस सांसद काली पट्टी बांधे हाथ में प्लेकार्ड लेकर आएं. वहीं राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने विपक्षियों को जवाब देते हुए कहा कि अगर संसद में कार्य बाधित हुई तो नो वर्क, नो वेतन का रास्ता अपनाया जाएगा. 

दोनों सदनों में लगातार हो रहा हंगामा
21 जुलाई से शुरु हुए मॉनसून सत्र में कांग्रेस के सांसद लगातार संसद की कार्यवाही प्रभावित कर रहे हैं. कांग्रेस की मांग है कि जब तक पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी की मदद करने के मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस्तीफा नहीं दे देतीं तब तक वह संसद की कार्यवाही बाधित करते रहेंगे. साथ ही व्यापम मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी इस्तीफा मांगा है.