गोरखपुर: गोरखपुर हादसे के बाद केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए गोरखपुर में रिजनल मेडिकल सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दे दी है. खास बात ये है कि यह मेडिकल रिसर्च सेंटर बच्चों की बीमारियों पर रिसर्च करेगा और उनके टीकों को विकसित करने का काम करेगा. 
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को गोरखपुर में घोषणा करते हुए कहा कि मैंने रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की मंजूरी दे दी है और गोरखपुर में मेडिकल रिसर्च सेंटर बनाने पर 85 करोड़ रुपये खर्च आएगा.
बता दें कि ये घोषणा उस वक्त की गई है, जब गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल में इन्सेफेलाइटिस और ऑक्सिजन सप्लाई रूकने की वजह से पिछले 5 दिनों में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद वहां का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा और सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अस्पताल पहुंचे. 
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में मेडिकल सेंटर स्थापित करने की संसद में मांग उठाई थी, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि सांसद रहते हुए योगी ने पूर्वांचल में इन्सेफेलाइटिस के सवाल को कई बार उठाया है. 
 
 
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिनकी संवेदनाएं स्वयं मर चुकी हैं, वे इस संवेदनशील विषय पर राजनीति कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने इस प्रकरण के जांच के आदेश भी दिये है. उन्होंने कहा कि चीफ सेक्रटरी की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई गई है, जो बीआरडी अस्पताल में हुईं मौत के कारणों का पता लगाएगी.
 
उन्होंने कहा कि UP में किसी की भी लापरवाही से अगर किसी की जान जाएगी तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी. दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही कहा कि मैं पत्रकारों को वॉर्ड तक जाकर देखने की सुविधा दूंगा, आप खुद देखिए कि क्या हाल है.
 
 
इस मौके पर सीएम योगी काफी भावुक दिखे और उनके आंखों से आंसू भी छलक आए. उन्होंने कहा कि मैंने इन्सेफलाइटिस की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ी है. बता दें कि गोरखपुर अस्पताल में 60 से अधिक बच्चों की मौत पर काफी घमासान मचा हुआ है.