नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश के मंडी के पास जोगिंदरनगर में भारी भूस्खलन की वजह से हुई दुर्घटनाओं में लोगों की मौत हो गई है. मंडी के डिप्टी कमीश्नर ने इस बात की जानकारी दी है कि राहत-बचाव कार्य में अभी तक 45 शव बरामद हुए हैं. हालांकि, कुछ और लोगों के मरने की आशंका है, जो अभी लापता बताए जा रहे हैं. ये घटना मंडी-पठानकोट के NH 154 पर हुई. इस मामले में बचाव कार्य जारी है. 
 
राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 200 मीटर की दूरी पर इस भूस्खलन की चपेट में दो बसें आ गईं. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में करीब 50 लोगों के बह जाने की आशंका है. हालांकि, सेना और प्रशासन की ओर से रेस्कू का काम जारी है. 
 
इंडियन आर्मी की टुकड़ी 4/9 GR राहत-बचाव का काम कर रही है. अब तक इस हादसे में 6 लोगों के शव को निकाल लिया गया है.
 
 
इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र ने कहा है कि हम लोगों को घर बनाने के लिए पैसे देंगे और राहत-बचाव कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक अंतिम बॉडी न मिल जाए. 
 
प्रशासन के अनुसार कई दिनों से भारी बारिश के कारण राज्य के कई पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटना सामने आ रही है. इससे पहले 9 अगस्त को भूस्खलन के कारण चंबा-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग 154-A कई घटों तक बंद रहा था. स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद राष्ट्रीयराज मार्ग को साफ किया था.
 
 
मिली जानकारी के मुताबिक भूस्खलन के कारण हिमाचल रोडवेज की दो बसें रविवार दोपहर करीब 11.30 बजे करीब गहरी खाई में गिर पड़ीं. इन बसों में करीब 30 लोग सफर कर रहे थे.
 
इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रविवार को हुए भारी भूस्खलन के चलते सात लोगों की मौत हो गई, भूस्खलन मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब मध्यरात्रि में हुआ.