संयुक्त राष्ट्र.1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को फांसी दिए जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र सेक्रटरी बान की मून ने मृत्युदंड का विरोध करते हुए इसे खत्म करने की बात कही है. बान की मून के प्रवक्ता की ओर से जारी किए गए एक बयान में यह बात कही गई है. भारत में याकूब को दी गई फांसी पर बान की मून की प्रतिक्रिया जानने के लिए जब उनके प्रवक्ता स्टीवन डॉरिक से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘जो भी हुआ, हमने उसका संज्ञान लिया. सेक्रटरी जनरल मृत्युदंड के खिलाफ हैं और इस पर कोई संशय नहीं है.’ 

गौरतलब है कि 30 जुलाई को मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को उसके 53वें जन्मदिन पर फांसी दी गई. इससे पहले उसने अपने बचाव के लिए सारे कानूनी विकल्पों का प्रयोग किया था. इसके अलावा याकूब से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करने के लिए फांसी से कुछ घंटे पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने आधी रात के बाद सुनवाई की थी. हालांकि, स्पेशल बेंच ने याकूब की फांसी संबंधी यह याचिका खारिज कर दी थी और सुबह उसे फांसी हो गई. 

बान इससे पहले भी कह चुके हैं कि 21वीं सदी में मृत्युदंड के लिए कोई जगह नहीं है. बान कई बार देशों से मृत्युदंड की व्यवस्था को समाप्त करने की बात कह चुके हैं.बान के मुताबिक मृत्युदंड एक ‘निर्दयी और अमानवीय’ सजा है. इस दौरान मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली अग्रणी संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने भी याकूब की फांसी के बाद भारत से मृत्युदंड की व्यवस्था को समाप्त करने की अपील की है. संस्था का कहना है कि ऐसा कोई तथ्य या सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि फांसी जैसी ‘अमानवीय और क्रूर’ सजा देने से अपराधों में कमी आती है.

IANS