रामेश्वरम. रामेश्वरम की धरती पर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम सपुर्द-ए-खाक होंगे. 83 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति का सोमवार को शिलांग में निधन हो गया था. आज ‘नमाज-ए-जनाजा’ के बाद सुबह 11 बजे कलाम का अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत अनेक राजनीतिक दलों के नेता शामिल लेंगे.

इससे पहले बुधवार को कलाम को श्रद्धांजलि देने के लिए तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित उनके पैतृक आवास पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. कलाम के बड़े भाई के पोते के. शेख सलीम ने बताया, ‘बड़ी संख्या में लोग कलाम के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर पहुंचे हैं. हमारे सभी रिश्तेदार भी उनकी अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए आए हुए हैं.’

हिन्दुओं का तीर्थस्थल रामेश्वरम तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के अंतर्गत आता है. यह राज्य की राजधानी चेन्नई से करीब 600 किलोमीटर दूर है. कलाम का जन्म रामेश्वरम में ही हुआ था और उनके शुरुआती दिन बड़े अभाव में बीते. सलीम ने कहा कि कलाम का पार्थिव शरीर बस स्टैंड के करीब एक स्थान पर रखा जाएगा, जहां लोग उनका अंतिम दर्शन कर पाएंगे और उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे.

इसके बाद डॉक्टर कलाम के पार्थिव शरीर मस्जिद वाली गली में स्थित उनके आवास में ले जाया जाएगा. कलाम के पोते ने बताया कि सलीम ने बताया कि कलाम को गुरुवार सुबह 10.30 बजे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इस बीच, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने एक बयान जारी कर कहा कि कलाम के परिजनों के अनुरोध पर सरकार ने उनके पार्थिव शरीर को दफनाने के लिए भूमि आवंटित की है.