मुंबई : मुंबई में झोपड़पट्टी की जमीन पर बिल्डिंग बनाने का खेल पुराना है. बिल्डर पैसे के दम पर जमीन हथियाते रहते हैं. इसी तरह का एक मामला फिर सामने आया है, मुंबई के भांडुप इलाके में ढाई हजार झोपड़पट्टी हैं. जिसको विकसित करने का काम ओमकार बिल्डर को दिया गया था लेकिन उसकी नजर इस जमीन पर पड़ गई और बिल्डर ने जमीन को हथियाने का मन बना लिया.
 
बिल्डर के इस मंसूबे की खबर संदीप नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता को लग गई. उसने विरोध करना शुरू कर दिया. जिसके बाद बिल्डर ने समाजिक कार्यकर्ता को खरीदने की कोशिश की और 11 करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश की. जिसमें से 1 करोड़ रुपए भी दे दिए गए, लेकिन संदीप का मन कुछ और ही था. वह इस पूरे खेल को जनता के सामने लाना चाहता था इसलिए उसने घूस देने का एक वीडियो बनाया और मीडिया को दे दिया.
 
हालांकि अभी तक संदीप ने पुलिस के पास शिकायत नहीं की है. उसने पहले ये स्टिंग और बिल्डर की काली करतूत मीडिया को बताना उचित समझा. अब इसकी शिकायत पुलिस के पास होने जा रही है.
 
वहीं ओमकार बिल्डर की तरफ से सफाई आई है कि संदीप को पैसा तो दिया गया लेकिन वह लोगों के भाड़े के पैसे थे. अब सवाल ये उठता है की नोटबंदी के बाद आखिर इतनी बड़ी रकम बिल्डर ने क्यों दिया संदीप को.
 
बता दें कि मुंबई की 60 प्रतिशत आबादी आज भी झोंपड़ियों में रहती है और इन झोपड़ियों की जगह टावर बनाने के लिए सरकार ने बिल्डर्स के लिए कई स्कीम लाई है. ताकि बिल्डर यहां टावर बनाएं और शहर झोंपड़िमुक्त मुक्त हो सके.