इंदौर. मध्य प्रदेश में डायरिया जैसी बीमारियों से हर वर्ष 28 हजार बच्चों की मौत होती है. यह जानकारी सोमवार को इंदौर में आयोजित एक मीडिया कार्यशाला में दी गई. स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और यूनिसेफ द्वारा आयोजित कार्यशाला में बताया गया कि समाज में व्याप्त भ्रांतियों और गलत धारणाओं के कारण राज्य में हर साल पांच वर्ष की आयु तक के 28 हजार बच्चे डायरिया जैसी बीमारियों के चलते मौत का शिकार बन जाते हैं. 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक फेज अहमद किदवई ने कहा कि आम तौर पर डायरिया को सामान्य बीमारी मान लिया जाता है, लेकिन समय पर ध्यान न देने से वह जान लेवा बन जाती है. इन मौतों को साधारण उपायों से रोका जा सकता है. 

इस मौके पर यूनिसेफ की स्वास्थ्य विशेषज्ञ वंदना भाटिया ने बताया कि बच्चों को साफ पानी पिलाने, ओआरएस घोल देने और जिंक की गोली देने जैसे सामान्य उपाय से बच्चों का स्वस्थ्य रखा जा सकता है. इतना ही नहीं, दस्त लगने पर खाना पीना देना बंद करना और स्तनपान न कराना नुकसानदायक होता है. (IANS)