नई दिल्ली: ‘मेहनतकश के लिए कोई भी काम असंभव नहीं होता’. जी हां इस बात को साबित किया है गुड़गाव की रहने वाली उर्वशी यादव ने, पहले उर्वशी गुड़गांव के सेक्टर-14 में पीपल के पेड़ के नीचे छोले-कुल्चे का ठेला लगाती थी अब एक रेस्टोरेंट की मालकिन हैं.
 
आपको याद तो होगा ही पिछले साल उर्वशी गुड़गांव के सेक्टर-14 में पीपल के पेड़ के नीचे छोले-कुल्चे का ठेला लगाती थी. जब उनसे इसको लेकर बातचीत की गई तो उन्होंने कहा था कि एक दिन वह अपने रेस्टोरेंट खोलेगी और एक साल की मेहनत का नतीजा यह है कि आज उर्वशी के पास खुद का एक रेस्टोरेंट है. 
 
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उर्वशी बताती है कि इस रेस्टोरेंट खोलने में गुड़गांव की जनता से उसे काफी सहयोग मिला है. यह सफर मुश्किलों भरा रहा और हर समय कोई ना कोई मदद के साथ मौजूद हुआ. इस अनुभव ने उर्वशी के दिल में गुड़गांव के लिए खास जगह बना ली है.
 
बता दें कि उर्वशी ने 16 जून 2016 को यह सफर शुरू किया था. वह अपने घर से ठेला धकेल कर लाती थी. उनके साथ एक हेल्पर होता था. 
 
 
उर्वशी एक मामूली औरत नहीं बल्कि ये है उसके जज्बे की पूरी कहानी
 
उर्वशी के पास है 3 करोड़ का घर और SUV
 
उर्वशी के पास 3 करोड़ कीमत का एक घर है और स्कॉर्पियो समेत दो एसयूवी भी लेकिन पति के बीमार होने के बाद कमाई का स्कोप कम दिख रहा है. इसलिए उर्वशी ने भविष्य की प्लानिंग की और टीचर की नौकरी छोड़कर ठेले पर छोला-कुलचा बेचना शुरू कर दिया जिससे वो हर रोज़ 2500 से 3000 रुपए तक कमा रही हैं.
 
उर्वशी का कहना है, “ये बात ठीक है कि मेरे पास महंगी गाड़ी, कीमती घर और पैसे अभी हैं लेकिन अगर मैंने काम ठीक-ठाक कमाई का काम शुरू नहीं किया तो ये सब खत्म हो जाएगा. मैं नहीं चाहती कि आगे चलकर बच्चों को स्कूल बदलना पड़े. पैसे की दिक्कत आगे न हो इसके लिए आज ही कदम उठाना है.”
 
 
B.A पास उर्वशी खोलना चाहती रेस्टोरेंट
 
जानकारी के अनुसार उर्वशी बीए पास हैं और वह बहुत जल्द अपना एक रेस्टोरेंट खोलना चाहती हैं. इस बीच उर्वशी के बारे में पता लगा कि पैसे कमाने के लिए साथ हीं अपने सपनों को पूरा करने के लिए ये रास्ता चुना. साथ ही उर्वशी की फैमिली फाइनेंसियल हालात भी अच्छे नहीं हैं जिसकी वजह से उन्होंने यह रास्ता चुना
 
 
जब उर्वशी से इस काम को करने के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था वह KFC के मालिक Colonel Sanders के स्टोरी से काफी प्रभावित हैं. क्योंकि उन्होंने भी अपने सपनों की शुरुआत 65 साल के उम्र में एक छोटी सी बिजनेस से शुरु की थी आज के समय में उन्हें पूरी दुनिया जानती है. 
 
अपने सपने को पूरा करने के दौरान वह हजार बार फेल हो गए थे लेकिन उन्हें अपनेआप पर पूरा भरोसा था. वैसे ही मुझे अपने और अपने सपने पर पूरा विश्वास है कि मैं जरुर एक दिन कामयाब होंगी.