नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी से निकाले गए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने अब अपने पुराने सहयोगी रहे मनीष सिसोदिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भूषण ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री सिसोदिया को शिक्षक बहाली के मुद्दे पर लीगल नोटिस भेजा है. पार्टी से निकाले जाने के बाद यह पहला मौका है जब भूषण ने आम आदमी पार्टी को लीगल नोटिस भेजा है. 

भूषण ने दिल्ली सरकार की शिक्षक चयन निति के खिलाफ रहे 2 याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया है जिसके तहत अतिथि शिक्षकों को स्थायी नौकरी दिए जाने की बात कही गयी है. इसी कारण को लेकर दोनों प्रदर्शन कर रहे हैं. अपने क़ानूनी नोटिस में भूषण ने मौजूदा शिक्षको के लिए आयोजित विशेष परीक्षा को चुनौती दी है.

भूषण ने सिसोदिया से नोटिस का जवाब सात दिनों के अंदर मांगा है. जवाब नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील भूषण कोर्ट का रूख करेंगे. आपको बता दें कि बजट में सिसोदिया ने ऐलान किया था कि दिल्ली में एक साल में 236 नए स्कूल खोले जाएंगे, साथ ही 20 हजार शिक्षकों की भर्ती भी होगी. सिसोदिया ने कहा था कि इस भर्ती प्रक्रिया में गेस्ट टीचर्स को भी स्‍थायी होने के लिए परीक्षा पास करनी होगी.

दिल्ली में करीब 10 हजार के करीब गेस्ट टीचर्स हैं.  गेस्ट टीचर्स का हर साल रिन्यूअल होता है. इनकी मांग है की पहले तो इनको परमानेंट कर लिया जाए और जब तक नहीं होता है तब तक इन्हें नौकरी पर रखा जाए.