मुंबई. विदेशी फंड के मामले में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने तीस्ता को मोहलत देते हुए कहा है कि उनकी अग्रिम जमानत पर 14 दिनों के बाद सुनवाई होगी.  इससे पहले सीबीआई की विशेष अदालत ने इस दंपति की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी. गौरतलब है कि सीबीआई ने सीतलवाड़ के खिलाफ विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम यानी एफसीआरए के उल्लंघन को लेकर मुंबई में एक एफआईआर दर्ज की है. 

एफआईआर में तीस्ता के अलावा उनके पति जावेद आनंद, उनके एनजीओ के एक निदेशक समेत कुछ अज्ञात लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया है. केंद्र सरकार ने 27 जून को तीस्ता सीतलवाड़ की कंपनी के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था. तीस्ता पर गुजरात दंगा पीड़ितों के लिए जारी किए फंड के दुरुपयोग का आरोप है. गृह मंत्रालय ने एजेंसी को तीस्ता सीतलवाड़ की कंपनी के सभी खाते भी फ्रीज करने को कहा था. 

आपको बता दें कि गुजरात सरकार और सीतलवाड़ के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है.  सीतलवाड़ ने साल 2002 के गुजरात दंगों के सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राज्य सरकार के कई अधिकारियों के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए हैं, वहीं राज्य पुलिस ने उनके खिलाफ धन की गड़बड़ी का मामला दर्ज किया है. गुजरात पुलिस गुलबर्ग सोसायटी के लोगों की शिकायत पर सीतलवाड़ के खिलाफ 1.51 करोड़ रुपए के कथित गबन के मामले में जांच कर रही है.