लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देश के 12 लाख बिजली कामगार और इंजीनियर संसद के मानसून सत्र के दौरान एक दिन की हड़ताल करने जा रहे हैं.

इसके लिए ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय बिजली मंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को नोटिस भेजा गया है. फेडरेशन के शैलेंद्र दुबे ने बताया कि ये संशोधन बिजली आपूर्ति के निजीकरण के लिए किया जा रहा है, जिसमें निजी घरानों के मुनाफे का खास ध्यान रखा गया है. टैरिफ में भारी वृद्धि कर यह आम जनता पर का बोझ डालने की तैयारी है. 

इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2014 में क्या है?

  • बिजली कानून के संशोधित बिल में राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को कर्ज से उबारने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है.
  • विधेयक के पास होने के बाद डिस्कॉम का काम सिर्फ नेटवर्क स्थापित करना होगा और उसके रखरखाव का खर्च भी डिस्कॉम को वहन करना होगा.
  • बिजली की आपूर्ति करने वाली कंपनियां बिल्कुल अलग होंगी और उनका काम सिर्फ बिजली की आपूर्ति करना होगा. बिजली की आपूर्ति करने वाली कंपनियां निजी क्षेत्र के छोटे-छोटे लाइसेंसधारक होंगे.

IANS