नई दिल्ली. सोना सस्ता है तो क्या सोना खरीदने का मौसम आ गया है. सीधा सा दिखने वाला ये सवाल बड़ा पेचीदा है. दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार और दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में से एक बार वारेन बफेट ने कहा था कि सोना खदानों से निकाला जाता है और दूसरी तरह की खदानों यानी लॉकर्स में डाल दिया जाता है यानी इसका निवेश के लिए कोई उपयोग नहीं है. ऐसे में ये सवाल और अहम हो जाता है कि क्या सोना खरीदने का वक्त आ गया है?
  
32 महीने में देश में 21 फीसदी सस्ता हुआ सोना. 51 महीने में दुनिया भर में 51 फीसदी गिर गए हैं सोने के दाम. गहनों वाला सोना 25 हजार रुपये प्रति दस ग्राम से नीचे जा पहुंचा है. लोग ये मानकर गहनों के बाजार में जा पहुंचे हैं कि सोना खरीदने का इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता. जयपुर हो या लखनऊ ज्वैलर्स की दुकान पर भीड़ देखने को मिल रहा है. गुड़गांव और मुंबई में भी यही हाल है.
 
ये सोच सिर्फ सोने के गहनों के दीवाने ग्राहकों के दिल में ही नहीं बल्कि गहने के इन शो रूम्स के मालिकों की भी है जो चाहते हैं कि सस्ता सोना उनके लिए मुनाफे का सौदा बन जाए. यही नहीं ज्वैलर्स तो अपने ग्राहकों को बाकायदा खबर भी भेज रहे हैं कि सोना सस्ता हुआ है जी भर के खरीद लीजिए. पिछले चार पांच साल में गहने वाले सोने के भाव का 24 हजार 400 रुपये तक पहुंचने के बाद विशेषज्ञ भी इससे ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं कर रहे हैं तो अब क्या करेंगे आप. सोना खरीदेंगे ना? तो जरा ये भी सुन लीजिए. मुनाफे की कोई गारंटी नहीं है. मोटे मुनाफे की तो बिलकुल नहीं.
 
अब आपको आंकड़ों के जरिए सोने का ये खेल समझाते हैं. ज्यादा पुरानी बात नहीं, दो साल पहले अगस्त 2013 में सोने के दाम में आग लगी हुई थी और 10 ग्राम सोने का भाव 33,000 पर पहुंच गया था. तब अगर आपने एक लाख रुपये का सोना ये सोच कर लिया था कि अभी ये पता नहीं कि ये ऊपर कहां जाकर रुकेगा तो 25000 रुपये पर सोना का रेट पहुंचने पर आपके हाथ पांव जरूर फूल रहे होंगे. क्योंकि आज तब का एक लाख रुपये का सोना रखे रखे ही 75,757 रुपये का हो गया है. और अब चिंता ये है कि ये नीचे कहां जाकर रुकेगा.