चंड़ीगढ़: हरियाणा गौ सेवा आयोग ने सलाह देते हुए कहा है कि राज्य के शवदाहगृहों में अंतिम संस्कार के लिए गाय के गोबर से बने उपलों का इस्तेमाल होना चाहिए. आयोग राज्यभर की 437 गौशालाओं को गोबर से से उपले बनाने की मशीन उपलब्ध कराने जा रहा है.
 
हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी राम मंगला ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बताया कि उनके पास गोबर से उपले बनाने वाली मशीन की कोटेशन आई है, जिसमें एक मशीन की कीमत 30 हजार रुपए है. उन्होंने कहा कि अगले पांच महीनों में सभी गौशालाओं को ये मशीन उपलब्ध करा दी जाएगी.
 
मंगला ने कहा कि सरकार के इस कदम के बाद गोशालाएं उपले बेच कर आत्मनिर्भर बनेंगी. शवों के अंतिम संस्कार में लकड़ी की जगह उपले का इस्तेमाल होने से पेड़ों की भी सुनिश्चित हो सकेगा. मंगला ने कहा कि हिंदु धर्म में केवल गाय ही नहीं बल्कि उसके गोबर को भी आध्यात्मिक महत्व दिया गया है. उन्होंने कहा कि गौशालाओं को ये मशीने बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएंगी. मंगला के मुताबिक हरियाणा में कुल 437 गोशालाएं हैं जिनमें करीब 3 लाख गोवंश हैं.
 
सोलर और बायोगैस पर भी आयोग कर रहा विचार
मंगला ने बताया कि आयोग गौशालाओं में सोलर सिस्टम और बायोगैस प्लांट लगाने पर भी विचार कर रहा है. साथ में सड़कों पर घूम रहे लगभग 40 हजार गोवंश को इन गौशालाओं में लाने की योजना बना रहा है.