नई दिल्ली. मंगलवार के दिन आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी में गोदावरी पुष्कर मेले के दौरान मची भगदड़ में 22 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है और 20 लोग घायल हो गए है. यह देश में भगदड़ की पहली घटना नहीं है.

इससे पहले देश में 10 साल के दौरान 12 भगदड़ की बड़ी घटनाएं हुई हैं जिनमें कई लोगों की जान गई है. ये घटनाएं हरिद्वार, इलाहाबाद और पटना समेत कई जगहों पर घटी है. 

कब और कहां हुई बड़ी भगदड़?

  • 3 अक्टूबर, 2014 : पटना के गांधी मैदान में रावण दहन के दौरान मची भगदड़ में 32 लोगों की मौत हो गई थी. 
  • 18 जनवरी, 2014: मुंबई के मालाबार हिल में दाउदी बोहरा समुदाय के दिवंगत आध्यात्मिक नेता सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन के आवास के बाहर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी.
  • 13 अक्टूबर, 2013: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रतनगढ़ हिंदू मंदिर के निकट भगदड़ में 89 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए.
  • 10 फरवरी, 2013: कुंभ मेले के दौरान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 36 लोगों की मौत हो गई.
  • 19 नवंबर, 2012: पटना में छठ पूजा के दौरान एक घाट पर मची भगदड़ में 20 लोगों की मौत हो गई.
  • 8 नवंबर, 2011: हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे हर-की-पौड़ी घाट पर मची भगदड़ में 22 लोगों की मौत हो गई.
  • 14 जनवरी, 2011: केरल के सबरीमाला मंदिर में भगदड़ से 106 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए.
  • 4 मार्च, 2010: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में राम जानकी मंदिर में मची भगदड़ में 63 लोगों की मौत हो गई.
  • 30 सितंबर, 2008: राजस्थान के जोधपुर में चामुंडा देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान मची भगदड़ में 120 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 लोग घायल हो गए. 
  • 3 अगस्त, 2006: हिमाचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर में मची भगदड़ में लगभग 150 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 400 से अधिक लोग घायल हो गए. 
  • 26 जनवरी, 2005: पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले में वाई के निकट मंधेर देवी मंदिर में लगभग 350 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए.

IANS